श्री गणेशाय नमः

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Tuesday, February 25, 2014

11 साल बाद जिंदा लौटा युवक



एंकरकरीब 11 साल पहले सांप के काटने से हुई मौत के बाद एक व्यक्ति जिंदा घर लौट आया है...घटना बरेली की है...अपने बेटे को जिंदा ​देख पहले तो परिजनों को यकीन ही नहीं हुआ...फिर वो उसे अपने साथ रखने के लिए मचल उठे...हालांकि अब उस युवक का ना सिर्फ नाम बदल चुका है...​बल्कि उसकी जिंदगी के साथ कुछ बंधन भी जुड़ गए हैं...क्या है पूरा मामला...जानने के लिए देखिये ये रिपोर्ट...

वीओ—1—क्या कभी मुर्दे भी जिंदा होते हैं...क्या मौत के बाद भी वापसी संभव है...भले ही आप इस पर यकीन ना करें...लेकिन ये हकीकत है...ऐसा हुआ है बरेली जिले के पस्तौर गांव में...इस गांव के सुम्मेर लाल लोधी के 10 साल के बेटे सीताराम को करीब 11 साल पहले सांप के डसने से मौत हो गई थी...उसके शव को पूरे विधिविधान से रामगंगा नदी में बहा दिया गया था...मां भगवती देवी की आंखों का एक तारा टूट चुका था..और सुम्मेर लाल और भगवती देवी अपने इकलौते बचे छोटे बेटे पुष्पेंद्र के सहारे जिंदगी के पल काट रहे थे...फिर अचानक एक दिन पूरे पुस्तौर गांव में चमत्कार हुआ...ऐसा चमत्कार जिस पर कोई यकीन करने को तैयार नहीं था...अचानक सीताराम ग्रामीणों के सामने जिंदा खड़ा था...हालांकि अब वो सीताराम नहीं था और अब बन चुका था साहब सिंह
बाइटसीताराम उर्फ साहब सिंह,मौत के बाद जिंदा लौटा युवक

वीओ—2—दरअसल रामगंगा में तैरती लाश को निकालकर सपेरों के गुरु हरिसिंह ने सीताराम को नई जिंदगी दे दी थी
बाइटहरि सिंह, सपेरों का गुरु

वीओ—3—अब 11 साल बाद अपने खोये बेटे को पाकर मां भगवती देवी और पिता सुमेरी लाल को मानों जीवन भर की सौगात मिल गई है...वो इसके लिए सपेरों के गुरु ​हरि सिंह को धन्यवाद देते नहीं अघा रहे हैं
बाइटसुमेरी लाल, सीताराम का पिता
बाइटभगवती देवी, सीताराम की मां

क्लोजिंगभले ही सीताराम को सपेरे ने जीवनदान दिया...लेकिन इसके साथ ही उससे कुछ बंधन भी जुड़ गए हैं...गुरु के उसूलों से बंधे सीताराम ने अपने मांबाप को ये दिलासा दिया है कि वो गुरु को दिए वचन से मुक्त होकर ही वापस लौटेगा...अब वो परिवार के साथ रहते हुए गुरु की सेवा करना चाहता है..खैर...ये सीताराम के परिवारवालों और ग्रामीणों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं...उनको वो खुशियां नसीब हुई हैं...जिसकी वो अपनी जिंदगी में उम्मीद छोड़ चुके थे


लोकेशनबरेली

सांप काटने से हो गई थी मौत
रामगंगा में बहा दी थी लाश
सपेरे ने युवक को दिया जीवनदान

Saturday, February 22, 2014

बरेली में दोहरा हत्याकांड


 
अनीश कुमार उपाध्याय
 
एंकर-बरेली के मीरगंज इलाके में दो महिलाओं की गला रेतकर हत्या कर दी गई है...गांव खमरिया आजमपुर गांव में हुए इस दोहरे हत्याकांड से जहां इलाके में सनसनी फैल गई है...वहीं परिजनों ने इसके लिए एक तांत्रिक को कुसूरवार ठहराया है...घटना के बाद से हत्यारोपी तांत्रिक फरार है...वहीं पुलिस मामले की जांच और तांत्रिक की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है...पेश है एक रिपोर्ट

वीओ.1.जरा गौर से इन दोनों शवों को देखिए...ये दोनों बुआभतीजी हैं...भतीजी का नाम रेखा है...दूसरी उसकी बुआ है...दोनों की गला रेतकर हत्या की गई है...पूजापाठ के लिए पहुंचे तांत्रिक के पास ही ये दोनों रात को बैठी थीं...और अचानक सुबह इनकी खून से लथपथ लाश मिली...जबकि मौके से तांत्रिक फरार मिला

बाइटराम औतार, परिजन
                  बाइटरामदेवी, परिजन

वीओ.2.तांत्रिक ने इन हत्याओं के लिए पूरा तानाबाना बुना...एक ओर जलता दिया...दूसरी ओर मां काली की तस्वीर...पूरी रात तीनों एक कमरे में तंत्र साधना करते रहे...मृतकों के घरवालों ने घरेलू समस्याओं से छुटकारे के लिए तांत्रिक सूरजपाल को बुलाया था...रात में पूजा खत्म कर वो चला गया...सुबह जब परिजनों ने दोनों महिलाओं की गला रेता शव देखा...तो उनमें कोहराम मच गया...फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है

बाइटआर रविंदर गौंड़, एसएसपी

क्लोजिंगसवाल ये कि आखिर तांत्रिक ने ये हत्याएं क्यों की...दूसरा सवाल ये कि आखिर दोहरे हत्याकांड के बाद तांत्रिक फरार कैसे हो गया...तीसरा अहम सवाल ये कि दो महिलाओं की गला रेतकर हत्या हुई...और परिजनों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी...क्या गला रेतते वक्त महिलाएं अचेत थीं...सवाल कई हैं...तांत्रिक के गिरफ्तारी के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी...जिसका पुलिस समेत पूरे क्षेत्रवासियों को बेसब्री से इंतजार है


लोकेशनबरेली

दो महिलाओं की गला रेतकर हत्या
परिजनों ने तांत्रिक को ठहराया दोषी
हत्याओं के बाद तांत्रिक हुआ फरार
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस

Friday, February 7, 2014

भारत की बिजली, पाक में देगी ‘झटका’



भारत-पाक संबंधों की खटास कोई नई बात नहीं है। इस बीच परिस्थितियों को सामान्य करने की लाख कोशिश हुई, लेकिन हर बार भारत को धोखा ही मिला। यह बात दीगर है कि आज भी  पाक कई मामलों में भारत पर ही निर्भर है। कम से कम बिजली के मामले में उसे एक बार फिर भारत के पास ही आना पड़ा है। एक रिपोर्ट...
अनीश कुमार उपाध्याय/ दिल्ली
अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो काफी हद तक संभव है कि भारत में तैयार बिजली का झटका पाकिस्तान में महसूस किया जाएगा। चौंकिए मत! पाकिस्तान की नई सरकार भारत से अगले दो साल में करीब एक हजार मेगावॉट बिजली इंपोर्ट कर सकती है। देश में व्याप्त बिजली संकट को दूर करने के लिए पाकिस्तान इस योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इस्लामाबाद के रहने वाले वर्ल्ड बैंक के एक अधिकारी के मुताबिक बिजली इंपोर्ट करने की संभावना को देखते हुए फिजिबिलिटी सर्वे भी कर लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि भारत, ईरान और अन्य सेंट्रल एशियाई देशों से पाक में बिजली आयात किए जाने की संभावना है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि देश के आर्थिक विकास को पटरी पर लाने के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी है। सत्ता पर काबिज होने की तैयारी कर रही नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल (एन) बिजली संकट को दूर करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।
यह है हालात
पाकिस्तान के मौसम में गर्मी की तेजी के साथ ही बिजली संकट भी गहराता जा रहा है। पाकिस्तान को हर दिन छह हजार मेगावॉट की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालात इस कदर हैं कि देश के वि•िान्न शहरों और कस्बों में कई घंटों की लोड शेडिंग की जा रही है। इससे आम जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। बिजली प्रदाता कंपनी पाकिस्तान इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी (पेपको) के अनुसार पाकिस्तान में बिजली का उत्पादन घटकर प्रतिदिन महज 10 हजार मेगावॉट रह गया है। वहीं इसके सापेक्ष बिजली की मांग 16 हजार मेगावॉट तक पहुंच चुकी है। ऐसे में इस समय पाकिस्तान में छह हजार मेगावॉट बिजली की कमी है। पेपको के पास तेल खरीदने के लिए धन नहीं है। इससे देश के विभिन्न शहरों में करीब 10 ग्रिड स्टेशन बंद पड़े हैं। इस समस्या से देश का उद्योग काफी प्रभावित है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इससे निपटने के लिए वित्त मंत्रालय को आदेश दिया है कि वह पेपको को तेल खरीदने के लिए तत्काल धन दे। पूर्व में भी प्रधानमंत्री रहे यूसुफ रजा गिलानी ने भी बिजली की कमी को स्वीकार करते हुए विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम होने की बात कही थी। बिजली उत्पादन में कमी के चलते लोडशेडिंग की अवधि शहरों में 10 से 12 घंटे तथा ग्रामीण अंचलों में 16 घंटे की गई है।
एसी-मोजे पर लगी पाबंदी
पाकिस्तान सरकार ने बिजली संकट से उबरने के लिए सरकारी दफ्तरों में एसी चलाने पर पाबंदी लगाने के साथ ही सरकारी कर्मचारियों पर मोजे पहनकर कार्यालय आने पर भी पाबंदी लगा दी है। पाक सरकार ने गत सप्ताह ही इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया था। सरकार ने इसमें कहा था कि अगले सप्ताह से सभी सरकारी दफ्तरों में एसी नहीं चलेगी। कर्मचारी निर्धारित ड्रेस कोड में ही कार्यालय आएंगे। ड्रेस कोड में कर्मचारियों को हल्के रंग या सफेद रंग की शर्ट, हल्के रंग की पैंट या सलवार कमीज पहनकर दफ्तर आना होगा। कर्मचारी अब सिर्फ बिना फीते वाले जूते या सैंडल पहनकर दफ्तर आएंगे, लेकिन इसके साथ मोजा नहीं पहनना होगा। सरकार का तर्क है कि मोजे और फीते वाले जूते से गर्मी ज्यादा लगती है। इस नये कोड की तैयारी के लिए सात दिन का समय दिया है। इसके बाद सभी कर्मचारियों को नए ड्रेस कोड में ही दफ्तर आना होगा।
यह भी हकीकत है कि आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान ने कभी इस समस्या को गंभीरता से लिया ही नहीं है। आतंकवाद समेत तमाम समस्याओं के चलते किसी राजनीतिज्ञ ने भी इस ओर विशेष ध्यान नहीं दिया। अगर दिया भी गया, तो वहां की राजनीति में पिछले बरसों में हुए उलटफेर में उसकी सारी रणनीति धरी की धरी रह गई। वर्तमान में पाकिस्तान के पास जो बिजली उत्पादन इकाइयां हैं, वह 60 के दशक की हैं, जो अब धीरे-धीरे क्षमताहीन हो गई हैं। पूरे पाकिस्तान की बात कौन करे, यहां तक कि पाक की राजधानी इस्लामाबाद में ही कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। पाकिस्तान में बिजली आपूर्ति का संकट इतना अधिक गहराया है कि यहां के दूसरे सबसे बडे और व्यस्त शहर लाहौर में भी 12 से 13 घंटे तक बिजली नहीं रहती है। पेशावर में हर दिन 14 घंटे बिजली नहीं रहती और फैसलाबाद तथा गुजरांवाला में 20 घंटे तक बिजली गुल रहती है। बिजली आपूर्ति के संकट से सबसे अधिक पंजाब प्रांत जूझ रहा है और उत्तरी कबायली इलाकों में तो मात्र चार-पांच घंटे ही बिजली रहती है।
दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
वर्ल्ड बैंक के अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान और भारत के बीच बिजली खरीदने की डील अगले दो साल में पूरी हो जाएगी। इसमें फिजिबिलिटी सर्वे, कीमत का निर्धारण, ट्रांसमिशन लाइन तैयार करने की प्रक्रिया भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान ऊर्जा के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। हालांकि, दोनों के बीच इसके लिए कोई मैकेनिज्म फिलहाल विकसित नहीं है। हालांकि इन सबके बीच यह भी सही है कि   पिछली पाक सरकार ने बीते साल भारत से 500 मेगावॉट बिजली इंपोर्ट किए जाने पर सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दी थी। दोनों देशों के जानकारों के बीच इस्लामाबाद में हुई मीटिंग में एक हाई वोल्टेज डायरेक्ट करेंट लिंक तैयार करने पर भी चर्चा हुई थी। भारतीय अधिकारियों ने उन जगहों का दौरा भी किया था, जहां इलेक्ट्रिक ग्रिड का निर्माण किया जाना था, लेकिन बाद में इस दिशा में कोई उल्लेखनीय कदम नहीं उठाया गया।

आजम खां की सात भैंस चोरी



एंकरयूपी के चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि वो अब सूबे की सत्ता पर काबिज सपा सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को भी  नहीं बख्श रहे...सरकार के कद्दावर मंत्री माने जाने वाले आजम खान के यहां से चोर बीती रात सात भैंस चुरा ले गए हैं...चोरों ने उनके रामपुर स्थित फॉर्म से ये चोरी की...मामला संज्ञान में आते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई... अब 3 थानों की पुलिस खेतखेत, जंगलजंगल खाक छान रही है...तो रामपुर की एसपी सा​हिबा खुद भैंस खोजने के इस आपरेशन की अगुवाई कर रही हैं...पेश है एक रिपोर्ट...
ग्राफिक्स...
मंत्री जी की भैंस चोरी
आजम खां की सात भैंस गायब
अब यूपी में चल रहा है
'आपरेशन बफैलो सर्चिंग'

वीओ.1.—आपरेशन बफैलो सर्चिंग....जी हां...यूपी के रामपुर ​जिले की 3 थानों की पुलिस के लिए ये किसी मिशन से कम नहीं है...हो भी क्यों न...सपा के कद्दावर नेता माने जाने वाले कैबिनेट मंत्री आजम खान की भैंस जो चोरी हुई है...वो भी एक नहीं....पूरे सातसात भैंस चोर उनके रामपुर वाले फॉर्म से चुरा ले गए हैं...बड़े आराम से उन्होंने एकएक कर सात भैंस की मजबूत जंजीर काटकर अपने साथ हांक ले गए... ये खबर जैसे ही लोगों को मिली, ये बात जंगल की आग की तरह न सिर्फ समूचे इलाके बल्कि जिला रामपुर होते हुए पूरे सूबे में फैल गई...मामला चूकि सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खान का था, ऐसे में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को काटो तो खून नहीं वाले हालात हैं...आननफानन में जिले के 3 थानों की पुलिस सारे इलाके में नाकेबंदी करते हुए आपरेशन बफैलो सर्चिंग में जुट गई है...गांव समेत जंगल के कच्चे रास्तों पर भी पुलिस कांबिंग कर रही है...रामपुर की एसपी साधना गोस्वामी खुद इस भैंस तलाशी अभियान की अगुवाई कर रही हैं...लेकिन काफी प्रयास के बाद भी सातों भैंस का सुराग नहीं लग पाया है

बाइटसाधना गोस्वामी,एसपी,रामपुर

क्लोजिंग एंकरमामला गंभीर है...क्योंकि अब अगर सूबे के मंत्री की संपत्ति की सुरक्षित नहीं है,  तो सूबे की सपा सरकार प्रदेश के आमजन की क्या सुरक्षा दे पाएगी ? वैसे भी यूपी की सत्ता पर काबिज सूबे की सपा सरकार विपक्ष के निशाने पर है...उस पर आरोप लगते रहे हैं कि ये पार्टी गुंडे, चोर, बदमाश, मवालियों को पनाह देती है...अब अगर चोरी उसी पार्टी के वरिष्ठ नेता के यहां हुई है, तो इसे आप क्या कहेंगे...सवाल बड़ा है...अब ये देखना मजेदार होगा कि क्या यूपी के अखिलेश सरकार की पुलिस इन सभी सात भैंस को खोज भी पाती है या अन्य मामलों की तरह ये मामला भी टॉयटॉय फिस्स होने वाला है


लोकेशनरामपुर

स्लगहौसला बुलंद चोर!
कैबिनेट मंत्री आजम खान की 7 भैंस चोरी
रामपुर वाले फॉर्म से चोरी हुई सभी भैंस
3 थानों की पुलिस भैंस खोजने में जुटी
खुद एसपी कर रही अभियान की अगुवाई


'कांग्रेस ही करती है जहर बोने का काम'



PKG_MERUTHH RAILLY_ANISH
एंकरमेरठ में नरेंद्र मोदी की विजय शंखनाद रैली कई मायनों में खास रही...मोदी के भाषण से पहले राजनाथ सिंह ने जहां किसानों को लुभाया...वहीं मोदी ने केंद्र की यूपीए सरकार समेत सूबे की सपा सरकार पर जोरदार हमला किया...मोदी ने न सिर्फ बड़ी चालाकी से मेरठ से गुजरात का नाता जोड़ा...बल्कि सोनिया के कर्नाटक में दिए 'जहर की खेती' वाले बयान पर भी जमकर बरसे...यूपी की बिगड़ी कानून व्यवस्था...गन्ना किसानों की बदतर हालत पर मोदी ने न सिर्फ हमला बोला बल्कि यूपी को दंगा प्रदेश की उपमा तक दे दी


वीओ—1—मेरठ का शताब्दीनगर स्थित इस मैदान को गौर से देखिये...यहां उमड़ा जनसैलाब केवल और केवल नरेंद्र मोदी को सुनने आया है...हो भी क्यों न...मौजूदा दौर में मोदी ही वो शख्शियत हैं, जिनसे बीजेपी को उम्मीद है कि वो ही पार्टी के तारणहार बन सकते हैं...बीजेपी के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी की ये विजय शंखनाद रैली खास इसलिए थी  कि दंगों के बाद पश्चिमी यूपी में मोदी की ये पहली रैली थी...खास इसलिए भी कि मेरठ से गुजरात का अपना नाता मोदी ने यहां बड़ी चालाकी से जोड़ा...इस बार भी वो केंद्र की यूपीए और सूबे की सपा सरकार पर जमकर बरसे
बाइटनरेंद्र मोदी, बीजेपी के पीएम पद उम्मीदवार

वीओ—2.—मेरठ में मोदी के पहले राजनाथ सिंह ने भाषण दिया...उन्होंने मेरठ की ऐतिहासिक धरती का जमकर बखान किया...उन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया और सरकार की नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली...बातों ही बातों में राजनाथ ने बड़ी चालाकी से केंद्र सरकार और सपा सरकार को दंगा कराने वाली पार्टियां करार दिया...राजनाथ ने मुजफ्फरनगर दंगो के लिए सीधे तौर पर सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया...तो कहा की कांग्रेस को 84 के दंगो को लिए देश से माफी मांगनी चाहिए
बाइट राजनाथ सिंह, अध्यक्ष, भाजपा

क्लोजिंग एंकरमेरठ में हुई मोदी की रैली में अपार जनसमूह उमड़ा और यहां सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त भी थे...यहां चाहें मोदी हों...या राजनाथ...दोनों के निशाने पर केंद्र की यूपीए सरकार और सपा सरकार  थी...दोनों नेताओं में एक बात खास ये थी कि वो दंगों के दाग को धोने की कवायद करते दिखे...किसानों के जख्मों पर मलहम लगाने की कोशिश की...तो युवाओं को लुभाने का भी प्रयास हुआ...खैर..मेरठ में हुई ये विजय शंखनाद रैली भाजपा को कितना लाभ पहुंचाएगी...ये तो अभी भविष्य के गर्भ में है...यह भी वक्त ही बताएगा कि मोदी की रैली में उमड़ने वाला ये हुजूम मतदान में कितना तब्दील होता है
ब्यूरो रिपोर्ट, साधना न्यूज

लोकेशनमेरठ
मोदी की विजय शंखनाद रैली
मोदी का सोनिया गांधी पर पलटवार
'कांग्रेस ही करती है जहर बोने का काम'
केंद्र और यूपी सरकार पर बरसे राजनाथ