—महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना बनी वरदान
महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किसानों के दुखती रग को पहचानते हुए उनके लिए जो योजना शुरू की है, वह वाकई किसानों के लिए वरदान बन गई है। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना उन किसानों के लिए राहत देने वाली साबित हो रही है, जो किन्हीं कारणों से बिजली का बिल नहीं भर पाए हैं और अब इस बिल को भर पाना उनके बूते से बाहर हो गया है। खास बात तो यह है कि अभी तक इतने बिल बकाया होने के बावजूद भी देवेंद्र सरकार ने किसी भी किसान की बिजली नहीं काटी है, जिससे किसानों को काफी राहत मिलती दिख रही है।
ऐसे में राज्य सरकार ने बिजली का बिल नहीं भर पाने वाले किसानों को राहत देन के लिए महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना 2018 की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 41 लाख किसानों का जुर्माने के तौर पर 8164 करोड़ रुपए का बिजली बिल बिजली विभाग माफ करेगा। किसानों पर 19,272 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया था। ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना की घोषणा कर परेशान किसानों में राहत की लौ जला दी है।
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र में सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बिजली का बिल नहीं भर पाने वाले किसानों को राहत के इरादे से इस योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत वर्ष 2018 से जो किसान बिजली का बिल भरने में असमर्थ थे, उन्हें यह राहत दी जाएगी। इसलिए सभी ग्राहकों और किसानों को अपना वर्तमान का बिजली का बिल भरना होगा। उन्होंने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में बिजली विभाग ने किसानों का बिजली कनेक्शन नहीं काटा है, लेकिन कंपनियों को भी कार्य करने के लिए यदि इतनी बड़ी रकम नहीं मिले, तो उनके लिए भी बिजली खरीदकर सस्ते दर में उपलब्ध कराना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का बिल 30 हजार रुपए से नीचे है, वे दिसंबर 2018 तक किश्तों में बिजली का बिल भर सकते हैं। सभी किसान इस प्रक्रिया के तहत अपना बिल भर सकते हैं।
राज्य के ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बिजली बिल बकाएदार कृषि पंप धारक किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषि संजीवनी योजना 2018 की घोषणा की। इस योजना के तहत जुर्माना और ब्याज की रकम छोड़कर सिर्फ मूल रकम किस्तों में जमा की जा सकेगी। बावनकुले के अनुसार, 30 हजार रुपए से कम के बकाएदार किसानों को भुगतान के लिए पांच समान किस्तों में और 30 हजार से अधिक के बकाएदार किसानों को 10 समान किस्तों में रकम जमा करनी होगी।
बता दें कि महाराष्ट्र में करीब 41 लाख कृषि ग्राहक हैं, जिनका कनेक्शन भार 2 करोड़ 12 लाख अश्वशक्ति है। इनमें से 25.41 लाख ग्राहकों को मीटर द्वारा और 15.41 लाख किसानों को बिजली कनेक्शन अश्वशक्ति के आधार पर दिए जाएंगे। कृषि के लिए प्रत्येक कनेक्शन पर करीब 1.16 लाख का खर्च आता है। महावितरण द्वारा अपने पास सिक्योरिटी के तौर पर तीन हजार से लेकर साढ़े सात हजार रुपए लेकर कनेक्शन प्रदान किया जाता है। कनेक्शन के लिए आने वाला 1.16 लाख रुपए का खर्च सरकार की ओर से अनुदान के रूप में या महावितरण द्वारा कर्ज लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। बिजली नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2016.17 के लिए रुपए 6.50 प्रति यूनिट के हिसाब से दर तय की थी। किसानों के लिए यह दर रुपए 3.40 प्रति यूनिट तय की गई। शेष 3.10 रुपए प्रति यूनिट सब्सिडी के माध्यम से औद्योगिक वाणिज्यिक और अन्य ग्राहकों से प्राप्त किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कृषि ग्राहकों के लिए सरकार के माध्यम से 1.60 रुपए की छूट देकर कृषि ग्राहकों से केवल 1.80 रुपए प्रति यूनिट बिजली बिल लिया जाता है।
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