श्री गणेशाय नमः

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Friday, January 25, 2019

अब जमीन के नीचे भी दौड़ेगी मुंबई

मुंबई भूमिगत मेट्रो-3 का काम तेज

अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहातो तेज गति से दौड़ने वाली देश की आर्थिक राजधानी मुंबई बहुत जल्द जमीन के नीचे भी दौड़ती दिखेगी। जी हां! ये संभव होगा भूमिगत मेट्रो-3 से। इसके लिए शहर के विविध इलाकों के नीचे एक बड़ी टीम जुटी हुई है। ये सभी शहर को जल्द से जल्द सुविधाओं को देने के लिए प्रतिबद्धता और पूरे मनायोग से अपने कार्य में जुटे हुए हैं।
 इन टनल बोरिंग मशीनों के नाम महाराष्ट्र की प्रमुख नदियों के नाम पर रखा गया है। बताया जा रहा है कि यह काम वर्ष 2021 तक पूरा होना है। दरअसलजमीन के नीचे मुंबई को दौड़ा पाना इतना आसान भी नहीं है। इसे खुद मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी भी इसे बेबाकी से स्वीकार कर रहे हैं। कॉरपोरेशन के अधिकारियों के अनुसारकई महत्वपूर्ण चरणों पर तेजी से काम किया जा रहा है। सभी टीवीएम मशीनें टनल को पूरा करने में जुटी है। जल्द ही कुछ टनलों का काम पूरा हो जाएगा। वे बेबाकी से स्वीकार करते हैं कि कार्यों के दौरान कई तरह की अनैसर्गिंक बाधाएं सामने आ रही हैंजिसमें समय और धन दोनों बर्बाद हो रहा है।
 बता दें कि कफ परेड-सीएसएमटी रूट पर 4 मेट्रो स्टशन हैं। इनमें कफ परेडविधानभवनचर्च गेट और हुतात्मा चौक शामिल है। इसमें दो टीवीएम (टनल बोरिंग मशीन) लगाई गई है। टनल की कुल लंबाई 5.88 किमी हैजिसमें से अब तक 41 मीटर टनल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस टनल से 10.7 क्यूबिक मीटर कीचड़ निकाला जा चुका है। इस कीचड़ को कलवार और उलवे में नष्ट किया गया है।
इसी तरह सीएसएमटी-मुंबई सेंट्रल रुट पर भी 4 मेट्रो स्टेशन सीएसटीकालबादेवीगिरगांव और ग्रांट रोड हैं। यहां दो टीवीएम लगी हैं। टनल की कुल लंबाई 764 किमी हैजिनमें से 1.74 किमी टनल का काम पूरा हो चुका है। यहां से 6.86 लाख क्यूबिक मीटर कीचड़ निकाला गया हैजिसे म्हापे एमआइडीसी और अंबरनाथ में नष्ट किया गया है। उधरमुंबई सेंट्रल-वर्ली रुट पर चार मेट्रो स्टेशन सेंट्रल मेट्रोमहालक्ष्मीसाइंस म्यूजियम और वर्ली हैं। यहां दो टीवीएम लगी हैं। टनल की कुल लंबाई 7.4 किमी में से दो किमी का कार्य पूरा हो चुका है। यहां से निकले 21 लाख क्यूबिक मीटर कीचड़ में से 91 हजार क्यूबिक मीटर को दापोड़े और भिवंडी में नष्ट किया गया है। वहीं वर्ली से धारावी रुट पर तीन मेट्रो स्टेशन सिद्धिविनायकदादरशीतलादेवी होंगे। यहां तीन टीवीएम लगी हैं। कुल 10.95 किमी लंबे टनल में से 3.46 किमी का काम पूरा हो चुका है। वहीं धारावी-शांताक्रूज रुट पर चार मेट्रो स्टेशन धारावीबीकेसीविद्यानगरी और शांताक्रूज हैं। यहां चार टीवीएम लगे हैं। कुल 7.99 किमी लंबे टनल में से अब तक 1.85 किमी का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
इसी क्रम में शांताक्रूज-सहार रुट पर तीन मेट्रो स्टेशन डोमेस्टिक एयरपोर्टसहार रोडअंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे। यहां एक टीवीएम से टनल की खुदाई हो रही है। कुल 6.94 किमी लंबे इस टनल का कार्य भी प्रगति पर है। इसी तरह सहार-सीप्ज रुट पर तीन मेट्रो स्टेशन मरोल नाकाएमआईडीसी और सिप्स बनेंगे। यहां तीन टीवीएम लगे हैं। कुल 7.07 किमी लंबे टनल में से 1.26 किमी का कार्य पूरा हो चुका है। उम्मीद की जा सकती है कि इस टनल के बनने से मुंबईकर वासियों को काफी सहूलियत हो जाएगी। खासकर मुंबई जैसे व्यस्त शहर में जमीन के नीचे से मेट्रो दौड़ने से लोगों की जेब से काफी धन और समय की भी बचत हो सकेगी।


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