श्री गणेशाय नमः

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Friday, January 25, 2019

मेगा फूड पार्क की ‘हैट्रिक ’ जल्द

मंत्रालय से तीसरे मेगा फूड पार्क को मंजूरी
अगर सबकुछ ठीकठाक रहातो जल्द ही महाराष्ट्र में मेगा फूड पार्क की हैट्रिक लग सकती है। दो मेगा फूड पार्क का उद्घाटन होने के बाद केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने तीसरे मेगा फूड पार्क को मंजूरी दे दी है। ऐसा संभव हुआ है मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के प्रयासों से। इसे स्वयं केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने स्वीकार किया है और इसके लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को धन्यवाद दिया है।
   दरअसलगुरुवार को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के वहेगांव धांनगांव में दूसरे मेगा फूड पार्क का उद्घाटन किया। ये पार्क 124.52 करोड़ रुपए की लागत से 102 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। इसमें 10 हजार मीट्रिक टन का ड्राई वेयरहाउसएक हजार मीट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज, 10 मीट्रिक टन की प्री-कूलिंग सुविधाएक हजार मीट्रिक टन का फ्रीजर रूम के साथ-साथ खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला सुविधाओं के तौर पर बनाई गई हैं। इसके अलावा पार्क में अन्य उपयोगों के लिए एक आम प्रशासनिक भवन भी है। यहां बताया गया कि मंत्रालय ने राज्य के तीसरे मेगा फूड पार्क को भी स्वीकृति दे दी है। इसे प्रांत के वर्धा जिले मं  बनाया जाएगा।
 बता दें कि इससे पूर्व पहली मार्च 2018 को ही राज्य के सतारा जिले में पहले मेगा फूड पार्क का उद्घाटन किया गया था। औरंगाबाद जिले में बने मेगा फूड पार्क से इसके आसपास के नासिकधुलेजलगांवबुलढाणाजालनाबोली और अहमदनगर जैसे जिलों को भी फायदा पहुंचेगा। ये पार्क लगभग पांच हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगा और लगभग 25 हजार किसानों को भी लाभान्वित करेगा।
 पहली मार्च, 2018 को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने महाराष्ट्र के सतारा जिले के देगाव गांव में राज्य के पहले मेगा फूड पार्क का उद्घाटन किया था। इस फूड पार्क का नाम सतारा मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड है। यह फूड पार्क भारत में स्थापित 12 वां मेगा फूड पार्क है। मेगा फूड पार्क परियोजना के तहत केंद्र सरकार प्रत्येक मेगा फूड पार्क के लिए 50 करोड़ रुपए की राशि देती है। मेगा फूड पार्क योजना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आपूर्ति शृंखला में खाद्य के अपव्यय को कम करके खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए संचालित की जा रही है। इस पार्क की स्थापना से पांच हजार लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।
   दरअसलमेगा फूड पार्क स्कीम का उद्देश्य किसानोंप्रसंस्करणकर्ताओं तथा खुदरा विक्रेताओं को एक साथ लाते हुए कृषि उत्पादन को बाजार से जोड़ने के लिए एक तंत्र उपलब्ध कराना हैताकि मूल्यवर्धन को अधिकतमबर्बादी को न्यूनतमकिसानों की आय में वृद्धि और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करना सुनिश्चित किया जा सके। मेगा फूड पार्क स्कीम क्लस्टर दृष्टिकोण पर आधारित है और इसमें पार्कों में सुस्थापित आपूर्ति शृंखला के साथ उपलब्ध औद्योगिक भूखंडों में आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों की स्थापना के लिए सुपरिभाषित कृषि/बागवानी जोन में अत्याधुनिक सहायक अवसंरचना के सृजन की परिकल्पना की गई है। मेगा फूड पार्क में संग्रहण केंद्रोंप्राथमिक प्रसंस्करण केंद्रोंकेंद्रीय प्रसंस्करण केंद्रोंशीत शृंखला और उद्यमियों द्वारा खाद्य प्रसंस्करण यूनिटों की स्थापना के लिए 30-35 पूर्ण विकसित भूखंडों समेत आपूर्ति शृंखला अवसंरचना शामिल होती है।



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