कई स्थानों को विकसित करेगी योगी सरकार
किसी भी चुनाव में मतदाताओं से जुड़े मुद्दों में किसान और रोजगार अहम होते हैं। दल चाहें कोई भी हो, सभी का प्रयास यही होता है कि वे अपने अनेकानेक मुद्दों में इनकी समस्याओं और उनके उत्थान के प्रयासों को प्रमुखता से शामिल करें। कुछ ऐसा ही प्रयास उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कर रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तीर्थों की विकास की उम्मीद बंधाकर मुख्यमंत्री ने यहां पर्यटन और पर्यटकों से युवाओं को रोजगार मिलने की काफी उम्मीद जगा दी है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ के गढ़ गंगा गंगा मेले में गढ़ ब्रजघाट में वैदिक सिटी के के लिए स्वीकृत 29 करोड़ रुपए से बनने वाले अतिथि गृह, विश्राम गृह और पर्यटन पार्क का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास कर इस दिशा में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को प्रत्यक्ष करने की कोशिश की है। प्रदेश सरकार इनके साथ ही मुजफ्फरनगर का शुक्रताल को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है। गढ़ गंगा मेला और अमरोहा जिले में लगने वाले तिगरी मेले के बीच पुल बनाकर आपस में जोड़ने के लिए भी परियोजना बनेगी। वास्तव में गढ़ गंगा मेले के साथ ही पश्चिम की जनता ने जो परंपराओं की विरासत को बचाया है, उसके लिए जरूरी है कि उसे पर्याप्त संरक्षण मिले। इससे पर्यटन को रफ्तार मिलेगी, तो इससे सूबे की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
वैसे तो उत्तर प्रदेश पर्यटन की दृष्टि से काफी संपन्न राज्य है, लेकिन अब तक की सरकारों की उपेक्षा से न तो सरकार इसका लाभ उठा सकी है और न ही युवा बेरोजगार। वर्तमान में पर्यटक चाहें वह घरेलू हो या विदेशी, कुछ नया अनुभव करना चाहता है। यही वजह है कि सैलानियों में नए-नए पर्यटन के प्रति रुझान तेजी से बढ़ा है। पूर्व सरकार ने 2014 में प्रदेश की पहली हेरिटेज नीति बनाई थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी। योगी सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए हेरीटेज नीति 2018 तैयार की। अब जब गढ़ तिगरी मेले के साथ ही पश्चिमी यूपी के सभी तीर्थस्थलों का विकास होने की बात कही है, तो इससे यहां पर्यटन के विकास की उम्मीद तो की ही जा सकती है।
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